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शीर्षक:इस्लाम के सिद्धान्त और उसके मूल आधार
भाषा:हिन्दी
लेख:मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन सालेह अस-सुहैम
अनुवादक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
संछिप्त विवरण:इस पुस्तक में इस्लाम और उसके स्तंभों को परिभाषित करते हुए तथा कुछ अन्य मुद्दों का उल्लेख करते हुए, संक्षेप में इस्लाम का परिचय प्रस्तुत किया गया है। चुनाँचे सबसे पहले संक्षेप में ब्रह्माण्ड की रचना, उसकी रचना की तत्वदर्शिता, मनुष्य की रचना और उसका सम्मान, महिला का स्थान, मनुष्य की पैदाइश की हिक्मत, मनुष्य को धर्म की आवश्यकता, सच्चे धर्म का मापदंड, धर्मों के प्रकार, वर्तमान धर्मों की स्थिति, नबूवत (ईश्दूतत्व) की वास्तविकता, नबूवत की निशानियाँ, मानव जाति को संदेष्टाओं की ज़रूरत, आख़िरत, रसूलों की दावत के नियम एवं सिद्धांत, अनन्त सन्देश, खत्मे नबूवत का वर्णन किया है। फिर इस्लाम और उसके स्तंभो को परिभाषित करते हुए, धर्म की श्रेणियों और इस्लाम धर्म की कुछ अच्छाईयों का उल्लेख किया गया है।
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इस्लाम के सिद्धान्त और उसके मूल आधार
3.5 MB

पादरियों ने अपनाया इस्लाम

शीर्षक:पादरियों ने अपनाया इस्लाम
भाषा:हिन्दी
लेख:मुहम्मद चाँद
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
संछिप्त विवरण:इस किताब में दुनियाभर के ग्यारह ईसाई पादरियों और धर्मप्रचारकों की दास्तानें हैं जिन्होंने इस्लाम अपनाया। गौर करने वाली बात यह है कि ईसाईयत में गहरी पकड़ रखने वाले ये ईसाई धर्मगुरू आखिर इस्लाम अपनाकर मुसलमान क्यों बन गए ? आज जहाँ इस्लाम को लेकर दुनियाभर में गलतफ़हमियां हैं और फैलाई जा रही हैं, ऐसे में यह किताब मैसेज देती है कि इस्लाम वैसा नहीं है जैसा उसका दुष्प्रचार किया जा रहा है।
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पादरियों ने अपनाया इस्लाम
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: पादरियों ने अपनाया इस्लाम.pdf

रमज़ान के रोज़े और उसके क़ियाम (तरावीह) की फज़ीलत

शीर्षक:रमज़ान के रोज़े और उसके क़ियाम (तरावीह) की फज़ीलत
भाषा:हिन्दी
लेख:अब्दुल अज़ीज़ बिन अब्दुल्लाह बिन बाज़
अनुवादक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
के प्रकाशन से:इस्लामी आमन्त्रण एंव निर्देश कार्यालय रब्वा, रियाज़, सऊदी अरब
संछिप्त विवरण:प्रस्तुत पुस्तिका में रमज़ान के रोज़े और उसके क़ियाम (तरावीह) की फज़ीलत, तथा उसके अंदर नेक कामों द्वारा एक दूसरे से आगे बढ़ने की फज़ीलत से संबंधित कुछ नसीहतें हैं, साथ ही कुछ ऐसे महत्वपूर्ण अहकाम का वर्णन है जो कुछ लोगों पर गुप्त रह जाते हैं।
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रमज़ान के रोज़े और उसके क़ियाम (तरावीह) की फज़ीलत
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रमज़ान के रोज़े और उसके क़ियाम (तरावीह) की फज़ीलत
3.8 MB

अपने बच्चे को पैगंबर की कहानी सुनायें

शीर्षक:अपने बच्चे को पैगंबर की कहानी सुनायें
भाषा:हिन्दी
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
के प्रकाशन से:अल्लाह के संदेष्टा मुहम्मद के समर्थन की साइट http://www.rasoulallah.net
संछिप्त विवरण:अपने बच्चे को पैगंबर की कहानी सुनायें:
इस पुस्तिका में हमारे प्रिय पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के बचपन से संबंधित कहानियों का एक समूह प्रस्तुत किया गया है, जिन्हें बच्चों को सुनाना उचित है।.
इस पुस्तिका में हमारे प्रिय पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की किशोरावस्था से संबंधित कहानियों का एक समूह प्रस्तुत किया गया है, जो बच्चों को सुनाना उचित है।.

(पैगंबर का बचपन)
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: (पैगंबर का बचपन).pdf
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(पैगंबर की किशोरावस्था)
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: (पैगंबर की किशोरावस्था).pdf
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(पैगंबर का बचपन)
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: (पैगंबर का बचपन).doc
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(पैगंबर की किशोरावस्था)
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: (पैगंबर की किशोरावस्था).doc

अल्लाह सर्वशक्तिमान का सम्मान और उसे गाली देनेवाले का हुक्म

शीर्षक:अल्लाह सर्वशक्तिमान का सम्मान और उसे गाली देनेवाले का हुक्म
भाषा:हिन्दी
लेख:अब्दुल अज़ीज़ बिन मरज़ूक़ अत्तरीफ़ी
अनुवादक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
के प्रकाशन से:इस्लामी आमन्त्रण एंव निर्देश कार्यालय रब्वा, रियाज़, सऊदी अरब
संछिप्त विवरण:अल्लाह सर्वशक्तिमान और उसकी महानता व महिमा से अनभिज्ञ कुछ अवा के यहाँ अल्लाह को गाली देना, बुरा भला कहना और उसे ऐसे शब्दों और गुणों से नामित करना मशहूर हो चुका है जिनका चर्चा करना या उन्हें सुनना एक मुसलमान के लिए बहुत दुलर्भ होता है। और कभी तो इसे ऐसे लोग कहते हैं जो अपने आपको मुसलमान समझते हैं, इसलिए कि वे शहादतैन यानी ला इलाहा इल्लल्लाह और मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह का इक़रार करते हैं। कभी तो कुछ नमाज़ियों से भी ऐसा हो जाता है, और शैतान उनकी ज़ुबानों पर इसे जारी कर देता है। और उनमें से कुछ को शैतान यह पट्टी पढ़ाया है कि वे उसके अर्थ को मुराद नहीं लते हैं, और न ही उससे अपने पैदा करनेवाले का अवमान करना चाहते हैं, तथा उन्हें यह समझाया है कि यह बेकार (तुच्छ) बातों में से है जिस पर ध्यान नहीं दिया जाता! इसी कारण उन्हों ने इसमें लापरवाही से काम लिया है! इस पत्रिका में इस मामले की गंभीरता को बयान किया गया है।
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अल्लाह सर्वशक्तिमान का सम्मान और उसे गाली देनेवाले का हुक्म
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: अल्लाह सर्वशक्तिमान का सम्मान और उसे गाली देनेवाले का हुक्म.pdf
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अल्लाह सर्वशक्तिमान का सम्मान और उसे गाली देनेवाले का हुक्म
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: अल्लाह सर्वशक्तिमान का सम्मान और उसे गाली देनेवाले का हुक्म.doc

सच्चाई की कसौटी

शीर्षक:सच्चाई की कसौटी
भाषा:हिन्दी
लेख:मुहम्मद फ़ारूक़ खाँ
अनुवादक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह – शैख उज़ैर शम्स
संछिप्त विवरण:यह पुस्तिका सहायक है उन गैर मुस्लिम और मुसलमानों के लिए जो ज्ञान की कमी और मीडिया के गलत प्रचार के कारण इस्लाम को सही तरीक़े से नहीं समझ पाते और संदेहों के शिकार बने रहते हैं। इसी तरह इस पुस्तिका में गैर मुस्लिम और मुसलमानों के ज़ेहन व दिमाग में जो सवाल उठते हैं और उन सवालों के जवाब न तो मुसलमानों को पता होते हैं, और न ही वे गैर मुसलमानों को उन सवालों के जवाब दलील से दे पाते हैं, उन सवालों के जवाबात कुरआन व हदीस के प्रमाणों से दिए गए हैं।
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सच्चाई की कसौटी
20.4 MB
: सच्चाई की कसौटी.pdf

नोबल कुरान हिन्दी अनुवाद के साथ

शीर्षक:नोबल कुरान हिन्दी अनुवाद के साथ
भाषा:हिन्दी
अनुवादक:अज़ीज़ुल हक़ उमरी
संशोधक:सईद अहमद हयात अल-मुशर्रफी
के प्रकाशन से:क़ुर्आन शरीफ की छपाई का शाह फहद कम्पलेक्स
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नोबल कुरान हिन्दी अनुवाद के साथ
162.2 MB
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नये मुस्लिम के लिए रहनुमा किताब

नये मुस्लिम के लिए रहनुमा किताब
भाषा:हिन्दी
लेख:रिसर्च डिवीज़न दारुस्सलाम
अनुवादक:अब्दुस्समी मो. हारून
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह – मुहम्मद ताहिर हनीफ़
के प्रकाशन से:अल्हम्दुलिल्लाह पुस्तकालय साइट alhamdulillah-library.blogspot.in
संछिप्त विवरण:नये मुस्लिम के लिए रहनुमा किताबः इस पुस्तक में संक्षेप के साथ इस्लाम की परिभाषा, ईमान एवं इस्लाम के स्तंभों का उल्लेख करते हुए पवित्रता हासिल करने के प्रावधान तथा नमाज़ पढ़ने के तरीक़े का वर्णन विशेषकर जुमा की नमाज़ का उल्लेख किया गया है। इसी तरह इस किताब में पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की संक्षिप्त जीवनी, सूरतुल फातिहा और क़ुर्आन की अन्य दस छोटी सूरतों का उच्चारण औ उनके अर्थ का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। तथा इस किताब के अंत में कुछ महत्वपूर्ण दुआओं, इस्लामी आदाब (शिष्टाचार) और पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की प्यारी बातों का कुछ अंश प्रस्तुत किया गया है।
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नये मुस्लिम के लिए रहनुमा किताब
12.5 MB
: नये मुस्लिम के लिए रहनुमा किताब.pdf

नमाज़ियों के लिए तीस शुभसूचनायें क़ुरआन व हदीस के प्रकाश में

शीर्षक:नमाज़ियों के लिए तीस शुभसूचनायें क़ुरआन व हदीस के प्रकाश में
भाषा:हिन्दी
लेख:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
के प्रकाशन से:इस्लामी आमन्त्रण एंव निर्देश कार्यालय रब्वा, रियाज़, सऊदी अरब
संछिप्त विवरण:ला इलाहा इल्लल्लाह व मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह की गवाही के बाद जो सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य एक मुसलमान पर लागू होता है वह पाँच समय की नमाज़ों की पाबंदी है, नमाज़ – कुफ्र व शिर्क और मुसलमान व्यक्ति के बीच अंतर है, नमाज़ – इस्लाम और नास्तिकता के बीच फर्क़ है, नमाज़ ही के बारे में परलोक के दिन सबसे पहले प्रश्न किया जायेगा, नमाज़ ही नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के जीवन के अंतिम क्षणों की वसीयत है, इसके अतिरिक्त यह इसकी पाबंदी करनेवालों के लिए अपने अंदर बहुत सारी विशेषताएं, शुभसूचनाएं और बशारतें रखती है, जो एक मुसलमान को इस पर कार्यबद्ध रहने की प्रेरणा देती हैं। इस लेख में नमाज़ की विशेषताओं से संबंधित कुछ महान शुभसूचनायें, बशारतें प्रस्तुत की गई हैं।
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नमाज़ियों के लिए तीस शुभसूचनायें क़ुरआन व हदीस के प्रकाश में
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नमाज़ियों के लिए तीस शुभसूचनायें क़ुरआन व हदीस के प्रकाश में
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: नमाज़ियों के लिए तीस शुभसूचनायें क़ुरआन व हदीस के प्रकाश में.doc

क़ुरआन मजीद का आसान हिंदी अनुवाद

शीर्षक:क़ुरआन मजीद का आसान हिंदी अनुवाद
भाषा:हिन्दी
अनुवादक:हाफिज़ नज़र अहमद
संशोधक:मौलाना अज़ीज़ ज़ुबैदी एवं अन्य
के प्रकाशन से:साइट अंडर्स्टेंड क़ुरआन (क़ुरआन समझें) http://www.understandquran.com
संछिप्त विवरण:आसान हिंदी तर्जुमाः यह क़ुरआन मजीद के अर्थ का आसान हिंदी अनुवाद है जिसे उसके उर्दू अनुवाद से हिंदी लिपि में परिवर्तित किया गया है। इसकी विशेषता यह है कि प्रत्येक शब्द का उसके नीचे अलग अलग अनुवाद दिया गया है, तथा साइड में पूरी आयत का आसान अनुवाद भी दिया गया है। अरबी भाषा न जानने वालों के लिए क़ुरआन के अर्थ को समझने में यह सहायक सिद्ध हो सकता है।

क़ुरआन मजीद का आसान हिंदी अनुवाद
7.4 MB
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क़ुरआन पर अनुचित आक्षेप

शीर्षक:क़ुरआन पर अनुचित आक्षेप
भाषा:हिन्दी
लेख:नसीम ग़ाज़ी
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
के प्रकाशन से:ब्लाग साइट हम मुसलमान हैं http://www.momeen.blogspot.com
संछिप्त विवरण:क़ुरआन पर अनुचित आक्षेपः यह पुस्तक उन आक्षेपों पर आधारित है जिन्हें कुछ हिन्दू संस्थाओं और लोगों की ओर से क़ुरआन की कुछ आयतों के बारे में उन्हें उनकी पृष्टिभूमि और संदर्भ से अलग करके और उनका मनमाना अनुवाद और व्याख्या करके बड़े पैमाने पर फैलाया जाता है। ये आक्षेप क़ुरआन मजीद की उन आयतों के बारे में हैं जिनका संबंध विशेषकर जिहाद, युद्ध, काफिर, कुफ्र, शिर्क और मूर्तिपूजा से है। लेखक ने उन आक्षेपों की वास्तविकता प्रस्तुत करके उनका उत्तर दिया है। तथा लोगों को इस्लाम से परिचित कराते हुए, उन्हें निष्पक्ष होकर इस्लाम का उसके मौलिक और वास्तविक स्रोतों से अध्ययन करने का निवेदन किया है।
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क़ुरआन पर अनुचित आक्षेप
1 MB
: क़ुरआन पर अनुचित आक्षेप.pdf

क़ुरआन और आधुनिक विज्ञान

शीर्षक:क़ुरआन और आधुनिक विज्ञान
भाषा:हिन्दी
लेख:मोरिस बोकायली
अनुवादक:जवाहर लाल कौल
के प्रकाशन से:मर्कज़ी मक्तबा इस्लामी पब्लिशर्स, नई दिल्ली
संछिप्त विवरण:इस पुस्तक में लेखक ने क़ुरआन की उन आयतों का तुलनात्मक अध्ययन किया है जिनमें वैज्ञानिक आँकड़ों का उल्लेख किया गया है जिनकी खोज मात्र वर्तमान युग में हुई है। अपने इस अध्ययन में वह इस नतीजे पर पहुँचे हैं कि क़ुरआन का कथन आधुनिक विज्ञान के सिद्धांतों पर पूर्णतः ठीक उतरता है, जबकि बाइबल का कथन वैज्ञानिक दृष्टि से स्वीकार करने योग्य नहीं है। तथा उन्हें यह विश्वास हो गया कि क़ुरआन वास्तव में पैगंबर पर अवतरित एक ग्रंथ है। क्योंकि यह सोचा ही नहीं जासकता कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के युग का कोई व्यक्ति उन दिनों में उपलब्ध ज्ञान-विज्ञान की स्थिति के आधार पर ऐसे वक्तव्यों का लेखक हो सकता है। तथा अंत में उन्हों ने इस बात का चर्चा किया है कि इस संपूर्ण विश्व की सृष्टि एक अप्रत्याशित घटना मात्र या प्राकृतिक वरदान का फल नहीं है, बल्कि इसका एक सृष्टा है। क्योंकि सृष्टा के बिना किसी चीज़ का होना संभव नहीं है। और वह एक सर्वशक्तिमान अल्लाह है, जिसने मनुष्य को बुद्धि से सम्मनित किया है जो उसे अन्य जीवों से अलग करती है। यही नहीं बल्कि उसके मार्गदर्शन के लिए संदेशवाहकों को भेजा और उन पर पुस्तके उतारीं। किंतु पिछले संदेशों को बाद की पीढ़ी ने विकृत कर दिया, उन्हें परिवर्तित कर दिया। इस अंधकारमय युग में बंदो पर अल्लाह की कृपा यह हुई कि उसने अपने अंतिम संदेष्टा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को स्थायी और अंतिम मार्गदर्शन के साथ भेजा और उन पर अंतिम ग्रंथ क़ुरआन अवतरित किया। इसमें सत्य को आंकने के सभी माप-दंड पूर्णतः पाये जाते हैं, जिससस स्पष्ट होता है कि क़ुरआन ईश्वरीय वाणी है।
अब यह मनुष्य का काम है कि वह अपनी बुद्धि से काम लेते हुए स्वयं सत्य की खोज करे और स्वयं ही यह फैसला भी करे कि इस प्रकट सत्य के प्रति उसे क्या नीति अपनानी चाहिए।
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क़ुरआन और आधुनिक विज्ञान
2.9 MB
: क़ुरआन और आधुनिक विज्ञान.pdf

पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पति के रूप में

शीर्षक:पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पति के रूप में
भाषा:हिन्दी
के प्रकाशन से:अल्लाह के संदेष्टा मुहम्मद के समर्थन की साइट http://www.rasoulallah.net
संछिप्त विवरण:पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पति के रूप में : अल्लाह सर्वशक्तिमान ने अपने ईश्दूत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को अपने संदेश के प्रसार के लिए चुनकर उन्हें सर्व मानवजाति के लिए उनके सभी मामलों में आदर्श बना दिया, और हमें सूचित कर दिया कि हमारे लिए पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के अंदर सर्वश्रेष्ठ नमूना है। चुनाँचि आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अल्लाह के संदेश को पहुँचाने का कर्तव्य अच्छी तरह पूरा कर दिया, और हमारे लिए अल्लाह तथा विभिन्न प्रकार के लोगों के साथ अपने व्यवहार का सबसे बेहतरीन और अनूठा नमूना पेश किया। उन्हीं में से एक पहलू अपनी पत्नियों के साथ व्यवहार और रहन-सहन भी है, जिसमें आप एक अनुपम और अद्वितीय थे। इस विषय में आपका कथन है: “तुम में श्रेष्ठतम वह व्यक्ति है जो अपने परिवार के लिए श्रेष्ठतम हो और मैं अपने परिवार के लिए तुम में श्रेष्ठतम हूँ।” अतः जो व्यक्ति वैवाहिक सौभाग्य के अर्थ का आभास करना चाहता है, वह इस बात की जानकारी करे कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपनी पत्नियों के साथ किस तरह व्यवहार करते थे और उसे अपने वैवाहिक जीवन में लागू करे।
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पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पति के रूप में
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: पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पति के रूप में.pdf

दिन और रात की हज़ार सुन्नतें

शीर्षक:दिन और रात की हज़ार सुन्नतें
भाषा:हिन्दी
लेख:खालिद बिन सुलैमान अल-हुसैनान
के प्रकाशन से:अल्लाह के संदेष्टा मुहम्मद के समर्थन की साइट http://www.rasoulallah.net
संछिप्त विवरण:एक मुसलमान के लिए सर्वश्रेष्ठ और अति महत्वपूर्ण बातों में से हैं कि वह अपने दैनिक जीवन में सभी मामलों के अंदर पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नतों (मार्गदर्शन और तरीक़े) का पालन करे। यह इस बात का लक्षण है कि आदमी अल्लाह से प्यार करता है, तथा इसके फलस्वरूप अल्लाह सर्वशक्तिमान उसे अपने प्यार से सम्मानित करता है ! अतएव, प्रस्तुत पुस्तिका में पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दैनिक जीवन से एक हज़ार से अधिक सुन्नतों का उल्लेख किया गया है जिनका आसानी से पालन किया जा सकता है। इसलिए प्रत्येक मुस्लिम के लिए शोभित है कि इन सुन्नतों की जानकारी प्राप्तकर अपने दैनिक जीवन में इनका पालन करे।
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दिन और रात की हज़ार सुन्नतें
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सच्चा रास्ता

सच्चा रास्ता
भाषा:हिन्दी
लेख:वहीदुद्दीन खाँ
अनुवादक:रफीक़ अहमद
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
संछिप्त विवरण:इसमें कोई संदेह नहीं कि यह दुनिया नश्वर है, और परलोक का जीवन ही सदैव बाक़ी रहने वाला और मनुष्य का स्थायी घर है। यह सांसारिक जीवन मात्र एक परीक्षा और परलोक की तैयारी और उसकी खेती है। तथा लोक और परलोक की सफलता और सौभाग्य प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता वह सीधा मार्ग है जिसे हमारे संदेष्टा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लेकर आए हैं। अतः जो व्यक्ति इस पर चलेगा वह सफल होगा और जो उससे उपेक्षा करेगा वह घाटे में रहेगा। इस पुस्तिका में उसी रास्ते का निर्देशन किया गया है।
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सच्चा रास्ता
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पैग़म्बरे-इस्लाम एक आदर्श चरित्र

शीर्षक:पैग़म्बरे-इस्लाम एक आदर्श चरित्र
भाषा:हिन्दी
लेख:वहीदुद्दीन खाँ
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
संछिप्त विवरण:इस्लाम के पैगंबर – एक आदर्श चरित्र
इस पुस्तिका में इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के (अपने सर्वशक्तिमान पालनहार और लोगों के साथ) व्यवहार के कुछ नमूने प्रस्तुत किए गए हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि आपका जीवन मानव चरित्र का आदर्श नमूना था। तथा इन घटनाओं से व्यावहारिक रूप से हमें यह सबक़ मिलता है कि मनुष्य अल्लाह का बंदा है, और उसे हर हाल में अल्लाह का बंदा बनकर रहना चाहिए। उसके दिल में अल्लाह का अैर उसकी आखिरत का तूफान बरपा रहे, दुनिया की सारी चीज़ उसे अल्लाह की याद दिलाए, दुनिया में कोई भी मामला करते समय कभी यह न भूले कि सभी चीज़ों का अंजाम अल्लाह के हाथ में है, नरक का डर उसे इनसानों के प्रति विनम्र बना दे और स्वर्ग का शौक़ उसकी निगाह में दुनिया को अर्थहीन कर दे – यह है मानव चरित्र का वह नमूना जो अल्लाह के पैगंबर ने अपने कर्म से हमें बताया है।
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पैग़म्बरे-इस्लाम एक आदर्श चरित्र
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मानवता का संदेश

शीर्षक:मानवता का संदेश
भाषा:हिन्दी
लेख:रफीक़ अहमद
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
संछिप्त विवरण:इस पुस्तिका में यह उल्लेख किया गया है कि समस्त मानवीय धर्मों में मानवता और नैतिकता सम्बन्धी शिक्षाओं का वर्णन है, तथा विशेष रूप से इस्लाम धर्म के मूल ग्रंथ दिव्य कुरआन की अमृत वाणियों और मानवता उपकारक पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के मधुर सन्देशों में इसका व्यापक और स्पष्ट वर्णन हुआ है, स्वयं पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम इसके सर्वप्रथम और महान आदर्श नमूना थे, आपके बाद आपके उत्तराधिकारियों ने भी अपने व्यवहार से इसका प्रचार किया।
अतः आज एक ऐसे समय में, जबकि मानव जाति, मानवता और नैतिकता खो देने के कारण, चारों ओर अशान्ति, अव्यवस्था, पारस्परिक घृणा, द्वेष, और अनैतिकता का शिकार है – इस बात की आवश्यकता बढ़ जाती है कि इस्लाम धर्म की मानवता, नैतिकता, उसके गुणों, सिद्धांतों, तर्कसिद्ध शिक्षाओं को प्रस्तुत व प्रदर्शित किया जाये ताकि उनका अनुसरण करके मानव अपना कल्याण कर सके और लोक परलोक में सौभाग्य से लाभान्वित हो।
यह पुस्तिका इसी बात का आमंत्रण देती है।
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मानवता का संदेश
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मुख़्तसर सही बुख़ारी

शीर्षक:मुख़्तसर सही बुख़ारी
भाषा:हिन्दी
लेख:अहमद बिन अहमद बिन अब्दुल लतीफ अल ज़ुबैदी
अनुवादक:ऐजाज़ ख़ान
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
के प्रकाशन से:ब्लाग साइट हम मुसलमान हैं http://www.momeen.blogspot.com
संछिप्त विवरण:यह पुस्तक “मुख़्तसर सही बुख़ारी”, जिसका नाम “अत्तजरीदुस्सरीह लि-अहादीसिल जामिइस्सहीह” है, क़ुरआन करीम के बाद सबसे विशुद्ध और विश्वसनीय किताब सही बुख़ारी का संक्षेप है। इसमें इमाम अज़्ज़ुबैदी ने सहीह बुखारी की हदीसों को बिना तकरार के व बिना सनदों के उल्लेख किया है; ताकि बिना कष्ट के उसको याद करना आसान हो जाए। जो हदीस कई बार आई है उसे उसके पहले स्थान पर बाक़ी रखा है, यदि दूसरे स्थान पर उसमें कोई वृद्धि है तो उसे उल्लेख किया है अन्यथा नहीं। अगर एक मुख्तसर हदीस के बाद दूसरी जगह वह तफ्सील और वृद्धि के साथ आई है तो दूसरी हदीस को वर्णन किया है। तथा केवल उसी हदीस का चयन किया है जो सहीह बुख़ारी में मुत्तसिल व सनद के साथ है। मक़तूअ या मुअल्लक़ हदीस को छोड़ दिया है।
यह पुस्तक इस किताब के उर्दु अनुवाद से हिंदी में रुपांतरित की गई है।
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मुख़्तसर सही बुख़ारी भाग 1
14.6 MB
: मुख़्तसर सही बुख़ारी भाग 1.pdf
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मुख़्तसर सही बुख़ारी भाग 2
16.1 MB
: मुख़्तसर सही बुख़ारी भाग 2.pdf
3.

मुख़्तसर सही बुख़ारी भाग 3
16.6 MB

इस्लाम और ईमान के स्तंभ

शीर्षक:इस्लाम और ईमान के स्तंभ
भाषा:हिन्दी
लेख:मुहम्मद जमील ज़ेनू
अनुवादक:रज़ाउर्रहमान अनसारी
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह – मुहम्मद ताहिर हनीफ़
के प्रकाशन से:इस्लामी आमन्त्रण एंव निर्देश कार्यालय ज़ुल्फी, सऊदी अरब – इस्लामी आमन्त्रण एवं निर्देश कार्यालय हौता बनी तमीम, सऊदी अरब http://www.hotahdawa.com
संछिप्त विवरण:इस्लाम और ईमान के स्तंभ क़ुरआन व सुन्नत से संकलितः इस पुस्तक में संक्षेप के साथ इस्लाम और ईमान के स्तंभों का वर्णन करते हुए, इस्लाम, ईमान और एहसान का अर्थ, ला इलाहा इल्लल्लाह और मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह की गवाही का अर्थ उल्लेख किया गया है। इसके बाद इस्लाम के दूसरे स्तंभ नमाज़ का महत्प व विशेषता, नमाज़ छोड़ने पर चेतावनी, वुज़ू का तरीक़ा, नमाज़ का तरीक़ा तथा ईद, जुमा, जनाज़ा, इस्तिखारा, इस्तिस्क़ा (बारिश मांगने), सूर्य व चाँद ग्रहण की नमाज़, बीमार व्यक्ति की पवित्रता और नमाज़ के तरीक़ा का वर्णन किया गया है। तथा ज़कात की विशेषता व महत्व, उसके अनिवार्य होने की तत्वदर्शिता, जकात के धन और उसकी मात्रा, उसके हकदार लोग और ज़कात ने देने वालों की सज़ा, रोज़ा. उसके लाभ और शिष्टाचार, हज्ज व उम्रा की विशेषता, उसका तरीक़ा और उससे संबंधित कुछ मसाइल, तथा मस्जिदे नबवी की ज़ियारत के शिष्टाचार का उल्लेख किया गया है। तक़्दीर -भाग्य- पर ईमान, उसकी श्रेणियाँ और तक़्दीर पर ईमान रखने के लाभ का वर्णन विशेष रूप से किया गया है। इसी तरह चारों इमामों के बीच पाये जाने वाले विचार भेदों के मुद्दे का उल्लेख करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि वे सभी हदीस पर अमल करने वाले थे और उनके बीच मतभेदों के अनेक कारणों में से उनके पास हदीस का न पहुँचना था। और सभी अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए अपनी तक़्लीद करने से सख्ती से रोका है और हदीस के अनुकरण का हुक्म दिया है। अंत में कुछ नास्तिकता पर आधारित बातिल अक़ीदों का उल्लेख कर उनका खंडन किया गया है।
सत्य धर्म
भाषा:हिन्दी
लेख:अब्दुर्रहमान बिन हम्माद अल-उम्र
अनुवादक:रज़ाउर्रहमान अनसारी
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
के प्रकाशन से:इस्लामी आमन्त्रण एवं निर्देश कार्यालय हौता बनी तमीम, सऊदी अरब http://www.hotahdawa.com – इस्लामी किताब की साइट http://www.islamicbook.ws
संछिप्त विवरण:सत्य धर्मः इस पुस्तक में हर बुद्धिमान पुरूष और नारी को अपने महान सृष्टा सर्वसंसार के पालनहार को पहचानने और उसके दर्शाए हुए सत्य मार्ग पर चलने का निमंत्रण दिया गया है। क्योंकि उसी के अंदर लोक और परलोक में कल्याण, भलाई, मोक्ष और सफलता है। यह सत्य मार्ग अल्लाह का वह धर्म है जिसे उसने सर्व मानव जाति के लिए चयन किया है, जिसके अतिरिक्त वह किसी से कोई अन्य धर्म स्वीकार नहीं करेगा। यह सत्य धर्म ऐसे गुणों, सिद्धांतों और निर्देशों से विशिष्ट हैं जो उसे एक संपूर्ण सर्व-व्यापी धर्म बना देते हैं जो किसी भी स्थान और समय के लिए योग्य है। इसी तरह सत्य धर्म के खोजियों को इस बात से सावधान किया गया है कि वे उन लोगों की बातों या कृत्यों पर ध्यान न दें जो इस्लाम के स्वच्छ चेहरे को मलिन और विकृत करने वाले हैं ; चाहे वे भ्रष्ट अक़ीदे वाले, या धर्म से आज़ाद पापी, या कर्तव्यों के पालन में आलस्य करने वाले मुसलमान हों, या इस्लाम के दुश्मन यहूदी, ईसाई इत्यादि हों। क्योंकि ये उसके सत्य को स्वीकारने के मार्ग में रूकावट बन सकते है।
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इस्लाम और ईमान के स्तंभ
2.8 MB
: इस्लाम और ईमान के स्तंभ.pdf

सत्य धर्म

इस्लामी अक़ीदा क़ुरआन और हदीस की रोशना में

शीर्षक:इस्लामी अक़ीदा क़ुरआन और हदीस की रोशना में
भाषा:हिन्दी
लेख:मुहम्मद जमील ज़ेनू
अनुवादक:अहमदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह
संशोधक:अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
के प्रकाशन से:इस्लामी आमन्त्रण एंव निर्देश कार्यालय शिफा, रियाज़, सऊदी अरब – इस्लामी किताब की साइट http://www.islamicbook.ws
संछिप्त विवरण:इस्लामी अक़ीदा क़ुरआन और हदीस रोशनी मेः प्रस्तुत पुस्तक इस्लामी अक़ीदा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों पर आधारित है, जिनका क़ुरआन और हदीस की रोशनी में उत्तर दिया गया है। चुनांचे इसमें इस्लाम व ईमान का अर्थ, तौहीद की क़िस्में और उसके लाभ, ला इलाहा इल्लल्लाह का अर्थ और उसकी शर्तें, अमल के क़बूल होने की शर्तो, शिर्क अक्बर की क़िस्में और और उसके नुक़सानात, वसीला और शफाअत मांगने के प्रावधान का उल्लेख किया गया है।
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इस्लामी अक़ीदा क़ुरआन और हदीस की रोशना में
1.9 MB

इस्लाम और विज्ञान

शीर्षक:इस्लाम और विज्ञान
भाषा:हिन्दी
संछिप्त विवरण:इस्लाम के अनुयायी मुसलमानों का मानना है कि कुर्आन करीम अल्लाह का वचन – कलाम – है, जिसे उसने वह्य –प्रकाशना- के माध्यम से अपने अंतिम संदेष्टा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर अवतिरत किया है, जिसमें रहती दुनिया तक सर्व मानवजाति के लिए मार्ग दर्शन और निर्देश मौजूद है। चूँकि क़ुर्आन का संदेश सभी समय और स्थानों के लिए है, इसलिए इसे हर युगीन समानता के अनुसार होना चाहिये, तो क्या क़ुरआन इस कसौटी पर पूरा उतरता है ? प्रस्तुत शोध-पत्र में मुसलमानों के इस विश्वास का वस्तुगत विश्लेषण पेश किया गया है, जो क़ुर्आन के वह्य –ईश्वरवाणी- द्वारा अवतरित होने की प्रामाणिकता को वैज्ञानिक अनुसंधान के आलोक में स्थापित करती है। क़ुर्आन स्वयं एक चमत्कार है जिसने सर्व संसार वालों को चुनौती दी है कि यदि उन्हें इसके बारे संदेह है तो वे सब मिलकर उसके समान एक सूरत (कुछ छंद) ही लाकर दिखाएं ! और अभी भी यह चुनौती पुनर्जीवन के दिन तक बरकरार है। इसी प्रकार क़ुर्आन ने अनेक वैज्ञानिक वास्तविकताओं और तथ्यों की ओर संकेत किया है जिन्हें आधुनिक विज्ञान ने वर्तमान समय में शत प्रतिशत यथार्थ सिद्ध किया है और उनकी पुष्टि की है। यह सब दर्शाता है कि कुर्आन अल्लाह सर्वशक्तिमान द्वारा अवतरित एक सत्य चमत्कारीय ग्रंथ है जिसे समस्त मानव जाति के मार्गदर्शन और कल्याण के लिए अवतरित किया गया है।
यह इ-बुक हिन्दी बलागर उमर केरानवी साहब का सुप्रयास है।
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इस्लाम और विज्ञान
100.3 MB
: इस्लाम और विज्ञान.pdf

इस्लाम दर्शन

शीर्षक:इस्लाम दर्शन
भाषा:हिन्दी
के प्रकाशन से:क़तर इस्लामी सक़ाफती मर्कज़ (फ़नार) http://www.fanar.gov.qa
संछिप्त विवरण:इस पुस्तक में इस्लाम का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए सृष्टि और मानवजाति की रचना, मरण उपरांत जीवन, अल्लाह का एकेश्वरवाद, इस्लाम के स्तंभ, संदेष्टाओं के अवतरण का उद्देश्य और पांच महान संकल्प वाले संदेष्टाओं का संक्षिप्त वर्णन, इस्लाम में तीन प्रतिष्ठित मस्जदों का वर्णन, क़ुरआन के चमत्कार का वर्णन किया गया है। इसी तरह इस्लाम में मानव अधिकार, महिलाओं के अधिकार, पर्यावरण, इस्लामी कला, मानवीय सभ्यता की उन्नति में इस्लाम के योगदान और पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के अंतिम धर्मोपदेश पर चर्चा किया गया है।
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इस्लाम दर्शन
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सत्य मार्ग

शीर्षक:सत्य मार्ग
भाषा:हिन्दी
संछिप्त विवरण:यह पुस्तक सत्य धर्म को पहचानने और उसे स्वीकारने का आमंत्रण देती है क्योंकि वही एक मात्र विकल्प है जो मानवता के लिए लोक एवं परलोक में सफलता, सौभाग्य और नरक से मोक्ष प्राप्त करने का एकमात्र साधन है। प्रस्तुत पुस्तक इस बात पर प्रकाश डालती है कि मानव जाति की रचना का उद्देश्य क्या है – वह एकमात्र अल्लाह सर्वशक्तिमान की उपासना और आराधना है। इसिलए कि वही वास्तव में उपासना के योग्य है क्योंकि वही सबका सृष्टा, रचयिता, पालनकर्ता, व्यवस्थापक है तथा उसके अच्छे अच्छे नाम और सर्वोच्च गुण हैं। मानव जाति को अल्लाह के नियम, आदेशों और उसकी प्रसन्नता की चीज़ों को जानने के लिए संदेष्टा और ईश्दूतों की आवश्यकता होती है। चुनाँचे अल्लाह ने ईश्दूतों को भेजा और उनके साथ किताबें उतारी ताकि वे लोगों को अल्लाह के आदेश और निषेध से अवगत कराएं। उन महान पुरूषों ने अल्लाह के एकेश्वरवाद का आमंत्रण दिया, जिसका उल्लेख पिछले आकाशीय ग्रंथों और हिंदूमत के वेदों में भी मिलता है। सबसे अंतिम ईश्दूत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हैं जिन पर अल्लाह ने अपना अंतिम और अनन्त दिव्य क़ुरआन उतारा जो सर्व मानव जाति के लिए मार्गदर्शक है। जिसका पालन करके ही मनुष्य लोक एवं परलोक में सफलता, सौभाग्य और नरक से मुक्ति प्राप्त कर सकता है। वह सत्य धर्म इस्लाम है जिसे हमारे सृष्टा ने असंख्य गुणों और विशेषताओं से सुसज्जित किया है। अतः आईये इसके पन्नों को पढ़ें और मननचिंतन करें कि क्या यह जीवन असीमित है या उसका कोई अंत है ॽ और मृत्यु के पश्चात क्या होगा ॽ
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सत्य मार्ग
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5 thoughts on “Hindi Library

  1. We wish to thank people once more for that spectacular recommendations you actually provided Jeremy when preparing a postgraduate homework and also, most importantly, concerning furnishing every one of the recommendations in a blog post. When we acquired acknowledged of this site last year, we can were held with the nonessential options we’re developing. Thanks to you.

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